Wednesday, March 18, 2026

देश के 14वें उपराष्ट्रपति बने जगदीप धनखड़, जानिए उनके जीवन से जुड़ी खास बातें

-Advertise with US-

नई दिल्लीः जगदीप धनखड़ (Jagadeep Dhankhar) ने गुरुवार को भारत के चौदहवें उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति के रूप में पदभार ग्रहण किया। एक प्रख्यात वकील और पश्चिम बंगाल के पूर्व-राज्यपाल धनखड़ को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक शपथ-ग्रहण समारोह में पद की शपथ दिलाई।

शपथ-ग्रहण से पहले धनखड़ ने गुरुवार की सुबह राजघाट जाकर महात्मा गांधी जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने एक ट्वीट में कहा, “पूज्य बापू को शांत एवं गौरवशाली राजघाट में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भारत की सेवा में हमेशा रहने के लिए धन्य, प्रेरित और उत्साहित महसूस किया।”

जगदीप धनखड़ के बारे में संक्षिप्त विवरण

भारत के 14वें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (Jagadeep Dhankhar) का जन्म राजस्थान के झुंझुनू जिला अन्तर्गत किठाना गांव में 18 मई 1951 को हुआ था। उनके पिता का नाम गोकल चंद और माता का नाम केसरी देवी था। वर्ष 1979 में उनकी शादी सुदेश धनखड़ से हुई जिससे उन्हे एक पुत्री की प्राप्ति हुई, जिसका नाम कामना है।

धनखड़ ने अपनी प्रारंभिक स्कूली शिक्षा किठाना गांव के सरकारी प्राथमिक विद्यालय से प्राप्त की। इसके बाद, उन्होंने सरकारी मिडिल स्कूल, घरधाना और सैनिक स्कूल, चित्तौड़गढ़ में अध्ययन किया। अपनी कॉलेज की शिक्षा के लिए धनखड़ ने महाराजा कॉलेज, जयपुर में प्रवेश लिया और बी.एससी. (ऑनर्स) भौतिकी में उत्तीर्ण हुए। उसके बाद, उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से विधि में डिग्री हासिल की।

- Advertisement -

वकील के रूप में की अपने पेशेवर करियर की शुरुआत

Jagadeep Dhankhar ने एक वकील के रूप में अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की, और पहली पीढ़ी के पेशेवर होने के बावजूद, वे देश के शीर्ष कानूनी विशेषज्ञों में से एक बन गए। 1990 में, उन्हें राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया था। तब से, जगदीप धनखड़ मुख्य रूप से सर्वोच्च न्यायालय में प्रैक्टिस कर रहे हैं और उनका मुख्य कार्य क्षेत्र स्टील, कोयला, खनन और अंतर्राष्ट्रीय वाणिज्यिक मध्यस्थता से जुड़े मुकदमे हैं।

वे देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों में पेश हुए हैं और 30 जुलाई, 2019 को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल का पद ग्रहण करने तक राज्य के सबसे वरिष्ठ नामित वरिष्ठ अधिवक्ता थे। अपने कानूनी करियर के दौरान, धनखड़ 1987 में राजस्थान उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन, जयपुर के अध्यक्ष के रूप में चुने गए सबसे कम उम्र के व्यक्ति थे। एक साल बाद, वे 1988 में राजस्थान बार काउंसिल के सदस्य भी बने।

- Advertisement -

संसदीय और सार्वजनिक जीवन

जगदीप धनखड़ 1989 में झुंझुनू संसदीय क्षेत्र से भारत की संसद के लिए चुने गए थे। इसके बाद, उन्होंने 1990 में संसदीय कार्य मंत्रालय के राज्य मंत्री के रूप में भी कार्य किया। 1993 में, वे अजमेर जिले के किशनगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से राजस्थान विधानसभा के लिए चुने गए। एक विधायक के रूप में, श्री धनखड़ ने लोकसभा और राजस्थान विधानसभा में महत्वपूर्ण समितियों के सदस्य के तौर पर कार्य किया। केंद्रीय मंत्री के रूप में, वे यूरोपीय संसद में एक संसदीय समूह के उपनेता के रूप में एक प्रतिनिधिमंडल के सदस्य भी रहे हैं। जुलाई 2019 में, श्री धनखड़ को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया था।

Read also: संघर्षों से भरा रहा है देश की 15वीं राष्ट्रपति द्रौपदी मु्र्मू का जीवन

पुस्तकों के उत्साही पाठक, धनखड़ एक खेल प्रेमी भी हैं और वे राजस्थान ओलंपिक संघ व राजस्थान टेनिस संघ के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। संगीत सुनना और यात्रा करना उनके अन्य शौक हैं। उन्होंने अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, इटली, स्विट्जरलैंड, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, चीन, हांगकांग, सिंगापुर आदि सहित अनेक देशों की यात्रा की है।

- Advertisement -
News Stump
News Stumphttps://www.newsstump.com
With the system... Against the system

Related Articles

-Advertise with US-

लेटेस्ट न्यूज़

Intagram

108 Followers
Follow