Advertisements
पटना: क्या नीतीश कुमार को सत्ता से वैराग्य हो चुका है?यह सवाल कार्यकारिणी की बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भाषण से उठने लगा है।
भाजपा का दबाव था सीएम पद के लिए
यह पहला मौका रहा जब उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच अपना वैराग्य दिखाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद उन्हें मुख्यमंत्री बनने की एक पैसे की इच्छा नहीं थी लेकिन भाजपा ने उन पर मुख्यमंत्री बनने का दबाव डाला। मैंने कहा कि भाजपा से किसी को मुख्यमंत्री बना दिया जाये। मुझे तनिक भी इच्छा नहीं थी इस पद की।
सेवा की इच्छा रही मेरी
दरअसल बिहार चुनाव के बाद नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी की पहली औपचारिक बैठक बुलायी थी। इसमें उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा तो सेवा करने की थी। अरुणाचल मामले पर उन्होंने कहा कि यह हमारे मनोबल को तोड़ने की कोशिश है लेकिन हम घबराने वाले नहीं हैं।
Advertisements