पटनाः बिहार सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारियों का बड़े पैमाने पर तबादला करते हुए प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 1991 बैच से लेकर 2022 बैच तक के कुल 70 से अधिक IPS अधिकारियों को नई जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। इस फेरबदल में कई जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP), DIG, ADG स्तर के अधिकारी और पुलिस मुख्यालय से जुड़े अहम पद शामिल हैं।
गृह विभाग की अधिसूचना जारी
बिहार सरकार, गृह विभाग (पुलिस शाखा) की ओर से जारी अधिसूचना संख्या 461, दिनांक 09 जनवरी 2026 के तहत यह तबादला किया गया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अधिकारियों को अगले आदेश तक नए पदस्थापन/अतिरिक्त प्रभार दिए जा रहे हैं।
शीर्ष स्तर पर बड़े बदलावः वरिष्ठ IPS अधिकारियों को नई जिम्मेदारी
1991 बैच की प्रीति शर्मा को पुलिस प्रशिक्षण से हटाकर बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम में वरिष्ठ जिम्मेदारी दी गई है। 1994 बैच के कुंदन कृष्णन को विशेष कार्य बल (STF) के ADG (ऑपरेशन) की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। 1996 बैच के डॉ. अमित कुमार जैन को अपराध अनुसंधान विभाग से संबंधित महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्व मिला है। इन तबादलों को पुलिस तंत्र को और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
जिलों में SP स्तर पर बड़ा फेरबदल
इस आदेश में कई जिलों के SP बदले गए हैं, जिनमें प्रमुख रूप से किशनगंज, अररिया, शिवहर, जहानाबाद, वैशाली, सिवान, लखीसराय, गोपालगंज, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, गया जैसे जिले शामिल हैं जहांनए पुलिस अधीक्षकों की तैनाती की गई है।
कई SP को जिले से हटाकर पुलिस मुख्यालय, CID, आर्थिक अपराध इकाई, साइबर क्राइम, STF जैसी इकाइयों में भेजा गया है। कुछ अधिकारियों को नगर पुलिस अधीक्षक से जिला SP और कुछ को ग्रामीण SP से शहरी जिलों की जिम्मेदारी दी गई है।
युवा IPS अधिकारियों को भी अहम पोस्टिंग
2021 और 2022 बैच के IPS अधिकारियों को अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) से लेकर जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ दी गई हैं। हालिया बैच के अधिकारियों को मधुबनी, मुंगेर, रोहतास, गया, खगड़िया जैसे क्षेत्रों में तैनात किया गया है।
अतिरिक्त प्रभार और गैर-संवर्गीय पद
कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार (Additional Charge) सौंपा गया है। कुछ को गैर-संवर्गीय पद पर पदस्थापित किया गया है, जो आमतौर पर विशेष प्रशासनिक जरूरतों के तहत किया जाता है।
प्रशासनिक संदेश क्या है?
जानकारों के अनुसार, यह तबादला— कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, आगामी प्रशासनिक व चुनावी चुनौतियों का सामना करने और पुलिसिंग में नई ऊर्जा और जवाबदेही लाने के उद्देश्य से किया गया है।
उम्मीद की जा रही है कि नए SP और वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती से आने वाले दिनों में जिलों की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
बिहार में IPS अधिकारियों का यह तबादला सिर्फ रूटीन प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि पुलिस व्यवस्था को नए सिरे से सुदृढ़ करने की बड़ी कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले हफ्तों में इसके जमीनी असर पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।