रोहतास: बिहार में आईपीएस अधिकारी रत्न संजय को नई जिम्मेदारी सौंपे जाने के बीच रोहतास पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 44.560 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। नोखा थाना क्षेत्र के खरारी गांव के पास एक बोलेरो की तलाशी के दौरान 42 पैकेटों में रखी गांजे की खेप मिली। पुलिस ने मौके से दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। दोनों की पहचान महापुर गांव निवासी सुनील भारती (32) और अजित कुमार भारती (25) के रूप में हुई है।
गुप्त सूचना पर खरारी पेट्रोल पंप के पास छापेमारी
पुलिस के अनुसार, 11 अक्टूबर 2026 की शाम करीब 7:50 बजे नोखा थाना को सूचना मिली थी कि खरारी गांव स्थित पेट्रोल पंप के पास एक वाहन के जरिए गांजे की तस्करी और खरीद-बिक्री होने वाली है। सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई और पुलिस टीम गठित कर कार्रवाई की गई। टीम ने विक्रमगंज-सासाराम रोड पर खरारी पेट्रोल पंप के समीप बोलेरो की तलाशी ली, जिसमें 42 पैकेटों में रखा कुल 44.560 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने गांजा जब्त करने के साथ बोलेरो (BR 26W-8033) को भी कब्जे में ले लिया। गिरफ्तार दोनों युवक नोखा थाना क्षेत्र के महापुर गांव निवासी संजय भारती के पुत्र बताए गए हैं।
रत्न संजय को मिला है मद्यनिषेध और स्वापक नियंत्रण का प्रभार
गौरतलब है कि बिहार सरकार के गृह विभाग की 10 अक्टूबर 2026 की अधिसूचना के अनुसार, 1998 बैच के आईपीएस अधिकारी रत्न संजय को एडीजी (विधि-व्यवस्था) के साथ मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। उनकी जिम्मेदारियों में शराबबंदी से जुड़े प्रयासों के साथ नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर नियंत्रण से संबंधित कार्य भी शामिल हैं। ऐसे में रोहतास में गांजे की इस खेप की बरामदगी नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की चुनौती की ओर ध्यान खींचती है।
हालांकि, नोखा में हुई इस कार्रवाई को रत्न संजय के नए प्रभार का प्रत्यक्ष परिणाम बताने का कोई आधार फिलहाल सामने नहीं आया है। यह कार्रवाई स्थानीय पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर की है। रत्न संजय की नई जिम्मेदारी के संदर्भ में इस मामले का महत्व नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ राज्य स्तर पर जारी प्रयासों की व्यापक चुनौती से जुड़ा है।
कहां से आया गांजा, जांच में खुलेगी परत
इस मामले में नोखा थाना कांड संख्या 420/26 दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है। फिलहाल उपलब्ध पुलिस प्रेस विज्ञप्ति में गांजे की खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था, इसकी जानकारी नहीं दी गई है। जांच में खेप के स्रोत, संभावित खरीदारों और तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा।
News Stump की नजर: गांजे की बड़ी खेप बरामद करना पुलिस कार्रवाई का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश के लिए उसके स्रोत और आपूर्ति नेटवर्क तक पहुंचना भी जरूरी है। अब देखना होगा कि रोहतास पुलिस की जांच गिरफ्तार आरोपियों से आगे बढ़कर इस खेप से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंच पाती है या नहीं।
