पटनाः बिहार भाजपा के ‘भीष्म पितामह’ कहे जाने वाले कैलाशपति मिश्र की जयंती को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि अगले वर्ष से कैलाशपति मिश्र की जयंती बिहार में राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी। सोमवार को उनकी जयंती के अवसर पर पटना स्थित आईसीएआर परिसर में कैलाशपति मिश्र की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर मुख्यमंत्री ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री ने कैलाशपति मिश्र के राष्ट्र निर्माण, समाज और संगठन के प्रति योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाना उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक होगा।
बिहार में भाजपा के संगठन विस्तार में अहम भूमिका
कैलाशपति मिश्र का नाम बिहार में भाजपा के शुरुआती संगठन विस्तार से जुड़े प्रमुख नेताओं में लिया जाता है। उनका जन्म 5 अक्टूबर 1923 को बक्सर जिले के दुधारचक गांव में हुआ था। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेने के बाद वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और आगे चलकर जनसंघ तथा भाजपा के संगठनात्मक काम में सक्रिय रहे।
कैलाशपति मिश्र बिहार भाजपा के अध्यक्ष रहे और 1977 में बिहार सरकार में वित्त मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाली। बाद में उन्हें गुजरात का राज्यपाल बनाया गया। सितंबर 2003 से जनवरी 2004 तक उन्होंने राजस्थान के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला।
जयंती पर भाजपा कार्यालय में भी कार्यक्रम
कैलाशपति मिश्र की जयंती पर पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके संगठनात्मक योगदान और सार्वजनिक जीवन को याद किया।
कैलाशपति मिश्र का निधन 3 नवंबर 2012 को पटना में हुआ था। अब मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद उनकी जयंती बिहार में राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी।
