Monday, October 5, 2026

सारण बाढ़ राहत में बवाल: थानाध्यक्ष ने निकाली पिस्टल, SP ने किया निलंबित

सारण के मकेर में राहत सामग्री वितरण के दौरान बिगड़ा माहौल, वायरल वीडियो में भीड़ की ओर पिस्टल निकालते दिखे थानाध्यक्ष संग्राम कुमार सिंह

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सारण: बाढ़ की मार झेल रहे लोगों के बीच राहत सामग्री वितरण के दौरान ऐसा विवाद हुआ कि मामला पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया। मकेर थाना क्षेत्र के पुरुषोत्तमपुर में राहत सामग्री वितरण के दौरान थानाध्यक्ष संग्राम कुमार सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह भीड़ के बीच अपनी सर्विस पिस्टल निकालते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

राहत लेने पहुंची भीड़ के बीच बिगड़ा माहौल

बताया जा रहा है कि पुरुषोत्तमपुर में बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा था। राहत लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। इसी दौरान कतार और राहत सामग्री लेने को लेकर भीड़ और पुलिस के बीच विवाद की स्थिति बन गई।

वायरल वीडियो में भीड़ के बीच थानाध्यक्ष संग्राम सिंह को जूता दिखाते और उसके बाद कमर से सर्विस पिस्टल निकालते देखा जा सकता है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, वीडियो में उन्हें पिस्टल कॉक करते हुए भी देखा जा रहा है।

भीड़ से सुनाई दी ‘गोली मारो’ की आवाज

वायरल वीडियो में तनावपूर्ण माहौल के बीच भीड़ की ओर से ‘गोली मारो’ जैसी आवाजें सुनाई देने की बात भी सामने आई है। हालांकि वीडियो का पूरा संदर्भ और उससे पहले की घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए यह स्पष्ट रूप से कहना संभव नहीं है कि थानाध्यक्ष ने किन परिस्थितियों में हथियार निकाला।

यही वजह है कि घटना के पूरे क्रम की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। वायरल वीडियो में दिखाई दे रही स्थिति और मौके पर मौजूद लोगों के दावों के बीच वास्तविक घटनाक्रम जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा।

वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस विभाग ने लिया एक्शन

मामला सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने कार्रवाई की। सारण के एसएसपी रौशन कुमार की ओर से जारी आदेश के अनुसार मकेर थानाध्यक्ष पु०अ०नि० संग्राम कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

पुलिस विभाग ने प्रथम दृष्टया वायरल वीडियो को कर्तव्य के प्रति लापरवाही, अनुशासनहीनता और मनमानेपन का परिचायक माना है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय निर्धारित किया गया है और नियमानुसार जीवन-यापन भत्ता देय होगा।

बाढ़ पीड़ितों का गुस्सा भी बना बड़ी वजह

सारण में इस समय बाढ़ से बड़ी आबादी प्रभावित है। राहत सामग्री और बचाव कार्य को लेकर कई जगह लोगों में नाराजगी की स्थिति सामने आई है। ऐसे माहौल में राहत वितरण के दौरान पुलिस और आम लोगों के बीच तनाव का बढ़ना प्रशासन के लिए भी गंभीर चुनौती है।

मकेर की घटना ने एक बड़ा सवाल भी खड़ा किया है—राहत लेने के लिए परेशान बाढ़ पीड़ितों के बीच कानून-व्यवस्था संभालने का तरीका क्या होना चाहिए?

फिलहाल वायरल वीडियो और उसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई ने पूरे मामले को चर्चा में ला दिया है। थानाध्यक्ष के निलंबन के बाद अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि राहत वितरण स्थल पर विवाद की शुरुआत कैसे हुई और हथियार निकालने की नौबत क्यों आई।

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