बिहार की राजनीति ने सबको चौंकाया; MLA बनी माँ, बेटा बन गया मंत्री

अभय पाण्डेय

पटनाः बिहार में NDA को मिले अपार जनसमर्थन के बाद 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते हुए नीतीश कुमार ने एक बार फिर प्रदेश की सत्ता संभाल ली है। इसके साथ ही उन्होंने नई कैबिनेट में कई नए चेहरों को जगह देने का संकेत भी दे दिया है। लेकिन इन सबके बीच जिस नाम ने सबसे ज्यादा चौंकाया है, वह है दीपक प्रकाश-जो न विधानसभा चुनाव लड़े, न ही MLC बने, लेकिन सीधे मंत्री पद की शपथ लेकर सुर्खियों में आ गए।

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MLA चुनी गईं माँ, बेटे ने ली मंत्री पद की शपथ

दीपक प्रकाश, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM)  चीफ और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं। खास बात यह कि उनकी माँ स्नेहलता कुशवाहा इस चुनाव में सासाराम से RLM की विधायक चुनी गई हैं। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा था कि RLM कोटे से मंत्री पद स्नेहलता को मिल सकता है, लेकिन अंतिम क्षणों में पार्टी ने दीपक प्रकाश का नाम आगे कर सबको हैरान कर दिया।

चर्चा के केन्द्र में दीपक प्रकाश पहनावा

सूत्र बताते हैं कि खुद दीपक प्रकाश को भी अंदेशा नहीं था कि उन्हें मंत्री बनाया जाएगा। यही वजह रही कि शपथ ग्रहण के दौरान उनका पहनावा भी चर्चा का विषय बन गया। पारंपरिक कुर्ता-पायजामा की बजाय वे डेनिम जींस, शर्ट और क्रॉक्स पहनकर मंच पर पहुंचे, जिस पर सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक खूब बातें होती रहीं।

दीपक के शपथ ग्रहण को अलग-अलग नजरिए से देख रहे लोग

राजनीति में बिना चुनाव लड़े सीधा कैबिनेट में एंट्री पाना वैसे भी एक असाधारण कदम माना जाता है। ऐसे में दीपक प्रकाश का यह अप्रत्याशित उदय, RLM के भीतर नई पीढ़ी को आगे लाने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है। वहीं कुछ लोग इसे राजनीति में घोर परिवारवाद मान रहे हैं और उपेन्द्र कुशवाहा द्वारा अपनी राजनैतिक विरासत को आगे ले जाने का एक तरीका।

यह देखना दिलचस्प होगा कि अचानक चर्चा के केंद्र में आए दीपक अब मंत्रालय की जिम्मेदारियों को कैसे संभालते हैं और अपने राजनीतिक करियर को किस दिशा में आगे बढ़ाते हैं।

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आप एक युवा पत्रकार हैं। देश के कई प्रतिष्ठित समाचार चैनलों, अखबारों और पत्रिकाओं को बतौर संवाददाता अपनी सेवाएं दे चुके अभय ने वर्ष 2004 में PTN News के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। इनकी कई ख़बरों ने राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरी हैं।