रामलीला में ‘मोदी कैबिनेट’, अश्विनी चौबे विश्वामित्र तो मनोज तिवारी बने केवट

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नई दिल्लीः COVID-19 महामारी के कारण दो साल तक फिका रहा रामलिला समारोह इस साल भव्य वापसी करने के लिए तैयार है। शहर भर में रामलीला आयोजन समितियों ने उत्सव की तैयारी लगभग पूरी कर ली है। लाल किले के प्रांगण में आयोजित होने वाली रामलीला सोमवार से शुरू हो गई है जो 5 अक्टूबर को दशहरा पर समाप्त होगी।

लाल किले के प्रांगण में रामलीला का आयोजन करने वाली लव-कुश रामलीला समिति में इस बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आम आदमी पार्टी (आप) दोनों के राजनेताओं की भागीदारी होगी। लव कुश रामलीला में जहां कई जाने-माने राजनीतिक चेहरे नियमित अभिनेता हैं, वहीं इस साल नए कलाकार अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

इस बाबत लव कुश रामलीला समिति के सदस्यों ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे वशिष्ठ मुनि की भूमिका निभाएंगे, जबकि इस्पात राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते अगस्त्य मुनि की भूमिका निभाएंगे। केंद्रीय संसदीय मामलों और संस्कृति राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भजन गाएंगे। इनके अलावें पूर्वोत्तर दिल्ली के सांसद और भाजपा नेता मनोज तिवारी केवट की भूमिका निभाएंगे, जबकि आप सदस्य बृजेश गोयल अंगद की भूमिका निभाएंगे।

आयोजकों ने बताया कि इन राजनेताओं के अलावा, अनुभवी अभिनेता असरानी नारद की भूमिका निभाएंगे। करीब एक महीने पहले कलाकारों ने रिहर्सल शुरू की थी। बाहुबली-प्रसिद्ध अभिनेता प्रभास के भी दशहरे पर रामलीला में विशेष अतिथि के रूप में जाने की उम्मीद है और वह रावण, उनके भाई कुंभकर्ण और पुत्र मेघनाद के तीन पुतलों को जलाएंगे।

गोयल ने कहा कि मुगल शासकों के समय से ही दिल्ली में रामलीलाएं होती आ रही हैं और युवा पीढ़ी को इस परंपरा से परिचित कराना महत्वपूर्ण है। उन्हों ने कहा, “मुगल काल से ही दिल्ली में रामलीला होती रही है। इनका अपना ऐतिहासिक महत्व है। यह एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान है। भावी पीढ़ी को भी इस विरासत के बारे में पता होना चाहिए,”।

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