राजस्थान फोन टैपिंग कांड: भाजपा ने बताया कांग्रेस की साजिश

न्यूज़ डेस्क
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नई दिल्ली: राजस्थान की सियासी नौटंकी अभी जारी है। कांग्रेस की विधानसभा चुनाव में जीत और गहलोत के मुख्यमंत्री बनने के बाद राजनैतिक शीत युद्ध जारी रहा। मध्यप्रदेश की तर्ज पर राजस्थान में सियासत हथियाने की भाजपा का सपना साकार नहीं हो पाया है।

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि कांग्रेस की सरकार सियासी ड्रामा कर रही है। राजस्थान में तथाकथित बनाम प्रत्यक्ष का मामला है। हाईकमान से लड़ाई हाईकोर्ट तक पहुंची है। कांग्रेस के घर की लड़ाई सड़क पर पहुंच गई है।

राजस्थान सरकार पर फोन टैपिंग का आरोप

पात्रा ने आरोप लगाया, ‘क्या फोन टैपिंग की गई, राजस्थान सरकार को इसका जवाब देना चाहिए। जब फोन टैपिंग हुई है तब क्या यह संवेदनशील और कानूनी मामला नहीं बनता?’

भाजपा नेता ने आरोप लगाया, ‘क्या किसी दूसरी पार्टी के सदस्यों के फोन टैप कर रहे हैं? क्या राजस्थान में यह इमरजेंसी जैसी हालत नहीं है? पात्रा ने पूछा कि क्या विशेष पुलिस अधिकारी एसओपी इस काम में है।’

संबित पात्रा ने कहा, ‘भाजपा इस पूरे प्रकरण का CBI द्वारा जांच की मांग करती है। क्या फोन टेपिंग इत्यादि किया गया? क्या सभी राजनीतिक पार्टी के सभी लोगों के साथ इस प्रकार का व्यवहार किया जा रहा है?’

गहलोत के मुख्यमंत्री बनने के बाद शीतयुद्ध की स्थिति

पात्रा ने आरोप लगाया, अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री बनने के बाद शीतयुद्ध की स्थिति बनी रही। पात्रा ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की है।

संबित पात्रा ने आरोप लगाया, राजस्थान में कांग्रेस का राजनीतिक ड्रामा हम देख रहे हैं। यह उदाहरण है कि षड्यंत्र, झूठ फरेब और कानून को ताक पर रखकर कैसे काम किया जाता है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा, राजस्थान की सरकार 2018 में बनी। अशोक गहलोत जी मुख्यमंत्री बने। इसके बाद एक कोल्ड वॉर की स्थिति कांग्रेस पार्टी की सरकार में बनी रही। कल अशोक गहलोत जी ने स्वयं मीडिया के सामने आकर कहा है कि 18 महीने से मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के बीच में वार्तालाप नहीं हो रहा था।

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