तीन देशों के नवनियुक्त राजदूतों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के समक्ष प्रस्तुत किए परिचय पत्र

News Stump

नई दिल्लीः भारत में नियुक्त तीन देशों के नवनियुक्त राजदूतों ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक गरिमामय एवं औपचारिक समारोह के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपने परिचय पत्र (Credentials) प्रस्तुत किए। यह कार्यक्रम पारंपरिक राजनयिक प्रोटोकॉल के तहत संपन्न हुआ।

इस अवसर पर त्रिनिदाद और टोबैगो गणराज्य के उच्चायुक्त चंद्रदत्त सिंह, ऑस्ट्रिया गणराज्य के राजदूत डॉ. रॉबर्ट ज़िशग और संयुक्त राज्य अमेरिका के राजदूत एरिक गार्सेटी ने राष्ट्रपति को अपने-अपने परिचय पत्र सौंपे।

राष्ट्रपति ने राजदूतों का किया स्वागत

परिचय पत्र स्वीकार करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तीनों देशों के राजदूतों का स्वागत किया और उनके सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत अपने मित्र देशों के साथ आपसी सम्मान, सहयोग और साझा हितों के आधार पर संबंधों को और सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

द्विपक्षीय सहयोग को नई गति देने की उम्मीद

राष्ट्रपति ने आशा जताई कि नवनियुक्त राजदूत भारत और उनके देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक, व्यापारिक, सांस्कृतिक और जन-स्तरीय संबंधों को नई दिशा और गति देंगे। उन्होंने आपसी संवाद, निवेश और सहयोग के नए अवसरों को मजबूत करने पर भी जोर दिया।

परिचय पत्र की प्रक्रिया का कूटनीतिक महत्व

कूटनीतिक दृष्टि से परिचय पत्र प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके साथ ही संबंधित राजदूत औपचारिक रूप से अपने राजनयिक दायित्वों का निर्वहन प्रारंभ करते हैं और दोनों देशों के बीच आधिकारिक कूटनीतिक संबंधों की पुष्टि होती है।

विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी रहे मौजूद

समारोह के दौरान विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। पूरा कार्यक्रम शांत, सुव्यवस्थित और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।

भारत की सक्रिय विदेश नीति का संकेत

डिजिटल न्यूज पोर्टल के नजरिये से यह घटनाक्रम भारत की सक्रिय, संतुलित और बहुआयामी विदेश नीति को दर्शाता है। इसे भारत और संबंधित देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

Sponsored
Share This Article
Follow:
With the system... Against the system