पटना: DAV National Sports 2026 की कुश्ती प्रतियोगिता में डीएवी पब्लिक स्कूल, सगुना मोड़, दानापुर की छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन कर बिहार का मान बढ़ाया है। ग्रेटर नोएडा स्थित शहीद रवींद्र सिंह पथिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में विद्यालय की बालिका पहलवानों ने तीन स्वर्ण सहित कुल 17 पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसके साथ ही टीम ने तीन ट्रॉफियां अपने नाम कीं।
प्रतियोगिता में बिहार की इन बेटियों ने हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, छत्तीसगढ़ समेत विभिन्न राज्यों से आई पहलवानों को कड़ी चुनौती दी। अंडर-19 बालिका वर्ग में विद्यालय की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओवरऑल चैंपियन का खिताब हासिल किया। वहीं, अंडर-14 और अंडर-17 बालिका वर्ग में टीम रनरअप रही।
काशवी, निभा और रिधिमा ने जीता स्वर्ण
प्रतियोगिता में अंडर-19 वर्ग की काशवी, निभा कुमारी और रिधिमा सिंह ने स्वर्ण पदक जीतकर विद्यालय को गौरवान्वित किया। मरियम मल्लिक ने रजत पदक हासिल किया, जबकि आराध्य सिंह, तनिष्का श्री रॉय, रिया कुमारी और श्वेता कुमारी ने कांस्य पदक अपने नाम किए।
अंडर-17 वर्ग में प्रार्थवि देव और शांभवी कुमारी ने रजत पदक जीते। वहीं, राज नंदनी, इच्छा कुमारी और अन्य खिलाड़ियों ने कांस्य पदक हासिल किए। अंडर-14 वर्ग में वैष्णवी कुमारी, ईशिका कुमारी, अनु वर्मा, आदित्री सिंह और अंजलि कुमारी ने कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
प्रशिक्षक विनय कुमार यादव की अहम भूमिका
इस शानदार सफलता के पीछे विद्यालय के शारीरिक शिक्षक एवं कुश्ती प्रशिक्षक विनय कुमार यादव का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने छात्राओं को नियमित अभ्यास कराने के साथ कुश्ती की बारीकियों से अवगत कराया और प्रतियोगिता के दौरान उनका मार्गदर्शन किया। उनके प्रशिक्षण और प्रोत्साहन ने खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विद्यालय परिवार ने दी बधाई
छात्राओं की इस उपलब्धि पर डीएवी पब्लिक स्कूल, बिहार के रीजनल ऑफिसर एस.के. झा, स्टेट स्पोर्ट्स कोऑर्डिनेटर अंजलि, मैनेजर भारती नायक, विद्यालय के प्रधानाचार्य उदय शंकर अवस्थी तथा पटना के विभिन्न डीएवी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने प्रसन्नता जाहिर की। सभी ने विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि यह सफलता छात्राओं के कठिन परिश्रम, अनुशासन, आत्मविश्वास और प्रशिक्षक के कुशल मार्गदर्शन का परिणाम है। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से न केवल विद्यालय का गौरव बढ़ा है, बल्कि बिहार की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान भी मिली है।
