रोहतासः बच्चों और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए नोखा के लालगंज गांव के लोगों ने सामूहिक पहल शुरू की है। गुरुवार की देर शाम वार्ड संख्या 23 में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने गांव में शराब और दूसरे नशीले पदार्थों के बढ़ते प्रभाव पर गंभीर चिंता जताई। बैठक में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे शामिल हुए।
ग्रामीणों का कहना था कि नशे की वजह से परिवार और समाज दोनों प्रभावित हो रहे हैं। खासकर कम उम्र के बच्चों और युवाओं पर इसका असर चिंता का विषय बनता जा रहा है। लोगों ने कहा कि समय रहते इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ी को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।
पुलिस ने दिया सहयोग का भरोसा
ग्रामीणों की बैठक में नोखा थानाध्यक्ष अनुज कुमार सिंह भी पहुंचे। उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और नशे से जुड़े अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का भरोसा दिया।
थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि शराबबंदी कानून के तहत शराब का सेवन और बिक्री करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि यदि गांव में शराब या अन्य मादक पदार्थों की बिक्री अथवा इससे जुड़ी कोई गतिविधि सामने आती है तो इसकी सूचना पुलिस को दें। सूचना मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जागरूकता से नशे पर रोक लगाने की तैयारी
बैठक में ग्रामीणों ने केवल पुलिस कार्रवाई पर निर्भर रहने के बजाय सामाजिक स्तर पर भी जागरूकता अभियान चलाने की बात कही। लोगों का मानना है कि बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए परिवारों को सजग रहने के साथ ही गांव के स्तर पर भी लगातार प्रयास जरूरी है।
लालगंज निवासी बागेश्वर चौधरी, टुनटुन चौधरी और रवि कुमार समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इसी उद्देश्य से बैठक बुलाई गई थी। ग्रामीणों ने प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा जताते हुए कहा कि नशे के खिलाफ गांव में जागरूकता का सिलसिला आगे भी जारी रखा जाएगा।
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने गांव में नशे का माहौल खत्म करने और बच्चों को सुरक्षित एवं बेहतर भविष्य देने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।







