Health Stump: पटना के जाने-माने फिज़िशियन और ‘PAHAL’ चिकित्सा निदेशक डॉ. दिवाकर तेजस्वी (Dr. Diwakar Tejaswi) कहते हैं – “नींद आराम नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक उपचार है। अच्छी नींद सेहत का सबसे बड़ा निवेश भी है।” खुद का स्लीप स्कोर साझा करते हुए उन्होंने बताया कि अच्छी गुणवत्ता वाली नींद न सिर्फ शरीर को तरोताज़ा करती है, बल्कि स्वास्थ्य के कई गहरे लाभ भी देती है।
डॉ. तेजस्वी के अनुसार, रोज़ाना 7-8 घंटे की गहरी और निरंतर नींद, जिसे विशेषज्ञ उच्च स्लीप स्कोर से आँकते हैं – यानी पर्याप्त सोने का समय, डीप स्लीप, REM स्लीप और न्यूनतम बार नींद का टूटना – संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए बेहद आवश्यक है।
वैज्ञानिक मायने में नींद क्यों ज़रूरी है?
स्वास्थ्य अनुसंधान और विश्व स्तर के अध्ययनों ने स्पष्ट किया है कि केवल सोना ही नहीं, गुणवत्तापूर्ण नींद शरीर के लगभग हर हिस्से को बेहतर बनाती है।
हृदय स्वास्थ्य और रक्तचाप नियंत्रण
अच्छी नींद से उच्च रक्तचाप, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम कम होता है। हृदय की ऑटोनॉमिक बैलेंस बेहतर होती है, जिससे दिल स्वस्थ और मजबूत रहता है।
मोटापा, डायबिटीज़ और मेटाबॉलिज़्म
नींद शरीर में इंसुलिन की संवेदनशीलता बढ़ाती है। इसका मतलब है कि शरीर भोजन से मिलने वाली ऊर्जा का बेहतर उपयोग करता है और 2-टाइप डायबिटीज़, मोटापा और मेटाबॉलिक सिंड्रोम होने का जोखिम घटता है।
मस्तिष्क और मानसिक संतुलन
नींद मस्तिष्क का रीबूट बटन है। इससे याददाश्त, सीखने की क्षमता और एकाग्रता बेहतर होती है। साथ ही डिप्रेशन, चिंता और डिमेंशिया जैसे मानसिक स्वास्थ्य जोखिमों में भी कमी आती है।
रोग-प्रतिरोधक शक्ति (इम्युनिटी)
जब आप अच्छी नींद लेते हैं, आपकी इम्युनिटी मजबूत होती है। यही वजह है कि नींद की कमी होने पर संक्रमण जल्दी फैलते हैं और ठीक होने में ज़्यादा समय लगता है।
हार्मोन संतुलन और वजन नियंत्रण
नींद से मेलाटोनिन, कोर्टिसोल, लेप्टिन और घ्रेलिन जैसे हार्मोन संतुलित रहते हैं, जो भूख और भूख की लालसा को नियंत्रित करने में मदद करते हैं – एक बड़ा फ़ायदा वजन को स्वस्थ स्तर पर रखने में।
सूजन कम और शरीर तेज़ी से ठीक होता है
अच्छी नींद शरीर में क्रोनिक सूजन को घटाती है और घाव जल्दी भरने में सहायता करती है – जैसे शरीर खुद ही खुद को मरम्मत कर रहा हो।
नींद को लेकर विश्व स्वास्थ्य की राय
विश्व स्वास्थ्य संगठन और कई चिकित्सीय संस्थानों के शोध कहतें हैं कि वयस्कों के लिए 7 से 9 घंटे की नींद अनिवार्य है। सिर्फ समय ही नहीं, नींद की गुणवत्ता – जैसे REM स्लीप और डीप स्लीप – भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
भारत में Indian Council of Medical Research (ICMR) के अध्ययन बताते हैं कि अनिद्रा और खराब नींद न केवल थकावट बल्कि गंभीर स्वास्थ्य जोखिम भी पैदा कर सकती है। खासकर मध्य आयु और वृद्ध लोगों में नींद संबंधी समस्याएँ बढ़ रही हैं, जो रोज़मर्रा की जीवन गुणवत्ता पर असर डाल रही हैं।
नींद को बेहतर कैसे बनाएं?
- सोने और जागने का नियमित समय बनाएँ
- सोने से पहले मोबाइल और स्क्रीन का उपयोग कम करें
- शांत, अँधेरी और ठंडी नींद की जगह बनाएं
- रात में भारी भोजन और कैफीन से बचें
- योग, ध्यान या हल्की एक्सरसाइज शामिल करें
Dr. Diwakar Tejaswi ने सभी से खास अपील करते हुए कहा कि नींद सिर्फ आराम का ज़रिया नहीं है – यह हमारे शरीर और मस्तिष्क का सबसे सस्ता, सबसे आसान और सबसे प्राकृतिक उपचार है। अगर स्वस्थ जीवन व्यतित करना है तो आज ही अपनी नींद को प्राथमिकता दें – क्योंकि अच्छी नींद सेहत का सबसे बड़ा निवेश है!
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डॉ. दिवाकर तेजस्वी का अनुभव और वैज्ञानिक शोध दोनों यही दर्शाते हैं कि उच्च स्लीप स्कोर और पर्याप्त नींद स्वस्थ जीवन का महत्वपूर्ण संकेतक हैं।