नई दिल्लीः पश्चिम एशिया (West Asia crisis) में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की आशंकाओं के बीच भारत सरकार ने देश में ईंधन आपूर्ति, नागरिक सुरक्षा और जरूरी सेवाओं को बनाए रखने के लिए व्यापक कदम उठाए हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल देश में पेट्रोल, डीजल और LPG की कोई कमी नहीं है और सभी रिफाइनरी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। इसके बावजूद कुछ जगहों पर अफवाहों के कारण घबराहट में खरीदारी देखी गई है, जिसे लेकर सरकार ने लोगों से संयम बरतने की अपील की है।
घबराएं नहीं, समझदारी दिखाएं
सरकार का कहना है कि आम नागरिकों को पेट्रोल-डीजल या गैस की अनावश्यक जमाखोरी से बचना चाहिए। LPG सिलेंडर केवल जरूरत पड़ने पर ही बुक करें और जहां संभव हो, PNG, इंडक्शन या इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे वैकल्पिक साधनों का उपयोग करें। साथ ही लोगों से यह भी कहा गया है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही विश्वास करें।
गैस सप्लाई पूरी तरह नियंत्रण में
LPG की सप्लाई को लेकर भी सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वितरण पूरी तरह से सामान्य है। हर दिन करीब 55 लाख LPG सिलेंडर वितरित हो रहे हैं। बढ़ती मांग के बावजूद कहीं कमी की सूचना नहीं है। बुकिंग में 94% की बढ़ोतरी, फिर भी सप्लाई जारी है।
कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए देशभर में 4000 से अधिक छापेमारी की गई है और 1300 से ज्यादा सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इसके अलावा गैस डिलीवरी में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल सिस्टम को भी मजबूत किया गया है।
महंगाई के बीच राहत की खबर
West Asia crisis के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में प्रति लीटर ₹10 कटौती की है। इससे उपभोक्ताओं पर बोझ कम करने की कोशिश की गई है और फिलहाल खुदरा कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की गई है।
छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत
छोटे व्यवसायों जैसे होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट को भी राहत दी गई है। वाणिज्यिक LPG की आपूर्ति धीरे-धीरे बहाल की जा रही है और 5 किलो वाले छोटे सिलेंडरों का वितरण बढ़ाया गया है, ताकि छोटे कारोबारी और प्रवासी श्रमिक प्रभावित न हों।
अब विकल्पों पर जोर
सरकार ने वैकल्पिक ईंधनों पर भी जोर बढ़ाया है। केरोसिन और कोयले की अतिरिक्त आपूर्ति की जा रही है और पीएनजी कनेक्शन तेजी से बढ़ाए जा रहे हैं। हाल के हफ्तों में लाखों नए पीएनजी कनेक्शन जारी किए गए हैं, जिससे LPG पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
विदेशों में भारतीय सुरक्षित
वहीं, पश्चिम एशिया के देशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी सरकार पूरी तरह सतर्क है। भारतीय दूतावास लगातार संपर्क में हैं और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित निकालने की व्यवस्था की जा रही है। हजारों भारतीयों को अब तक सुरक्षित वापस लाया जा चुका है और उड़ानों के जरिए आवागमन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है।
स्थिति नियंत्रण में, सतर्क रहें
कुल मिलाकर सरकार का कहना है कि स्थिति चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन नियंत्रण में है। आम लोगों से अपील है कि वे घबराने के बजाय जिम्मेदारी से व्यवहार करें, ऊर्जा की बचत करें और अफवाहों से दूर रहें। यही इस समय देश के लिए सबसे बड़ा सहयोग होगा।
