बिहार में गठबंधन की रस्साकशी, पिक्चर अभी साफ नहीं

अजय वर्मा

पटनाः एक दिन बाद विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए अधिसूचना जारी होने वाली है लेकिन अभी तक दलों का रुख साफ नहीं हुआ है। गठबंधन बन और बिगड़ रहे हैं। केवल माले ने 30 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है हालांकि वह पहले महागठबंधन में जाने को इच्छुक थी लेकिन राजद ने कोई भाव ही नहीं दिया।

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एनडीए गठबंधन

आज के डेट में एनडीए यानी जदयू, भाजपा और लोजपा का समूह है। हालांकि जदयू 2015 के विधानसभा चुनाव में राजद और कांग्रेस के साथ भाजपा के खिलाफ था। दोनों के बीच सीट शेयरिंग पर अब तक कुछ तय नहीं घोषित किया गया है। लोजपा उम्मीद से ज्यादा सीट लेने पर न केवल अड़ी है बल्कि सीएम नीतीश कुमार पर हमलावर भी है। बुधवार को दिल्ली में बात हुई और सबकुछ ठीक होने का दावा भी किया जा रहा है। जबकि लोजपा सुप्रीमो चिराग पासवान अगला सीएम बनने की लालसा में जोड़-घटाव कर रहे हें। इस बीच मांझी की पार्टी ‘हम’ राजद से ठोकर खाने के बाद एनडीए में वापस हो गई है।

राजद नीत महागठबंधन

उधर राजद नीत महागठबंधन भी डावांडोल जैसी हालत में है। उसके पुराने साथी कांग्रेस से कुछ तय नहीं हो सका है। न केवल सीट बल्कि सीएम चेहरा पर भी कांग्रेस बिदकी हुई है जबकि राजद हर हाल में उन्हीं दलों को भाव देना चाहता है जो लालू पुत्र तेजस्वी को भावी सीएम प्रोजेक्ट कर सके। कांग्रेस के दो दिग्गज नेता दिल्ली में जमे हुए हैं ताकि तस्वीर साफ हो सके।

दो और गठबंधन

इन दो गठबंधनों के अलावा उपेंद्र कुशवाहा की ‘रालोसपा’ ने भटकते-भटकते बसपा से हाथ मिलाया है हालांकि कुशवाहा के प्रिय नेताओं को राजद अपने साथ मिलाकर झटका दे रहा है। सामाजिक सरोकारों में सर्वाधिक सक्रिय पप्पू यादव ने चंद्रशेखर रावण से हाथ मिलाया है। कहना कठिन है कि गठबंधन के सहारे चुनावी नैया पार लगेगी या सीएम फेस के। एक तरफ सीएम फेस के रूप में नीतीश कुमार हैं तो दूसरी और की तस्वीर धुंधली है।

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समाचार संपादक
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