पसोपेश में राजद जश्न मनाएं या मातम!

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पटनाः आज का दिन राजद के लिए बेहद पसोपेश वाला है। पसोपेश इस बात का, कि वो जश्न मनाए या मातम। एक तरफ वर्षों बाद जेल से राजद सुप्रीमो लालू यादव की रिहाई जहां जश्न द्योतक है, वहीं पार्टी के मजबूत स्तंभ पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन की कोरोना से मौत मातम का।

बता दें लंबी लड़ाई और कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने के बाद 3 साल बाद अब RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव जेल से रिहा हो गए हैं। लालू प्रसाद यादव झारखंड के दुमका कोषागार में अवैध निकासी से जुड़े मामले में 19 मार्च 2018 से सजा काट रहे थे। उनके समर्थक लालू यादव की रिहाई का इंतजार बड़ी शिद्दत से कर रहे थे और आज वो दिन आ गया जिसका सबको इंतजार बेसब्री से था।

लेकिन नियति देखिए राजद सुप्रीमो लालू यादव की रिहाई का जश्न मोहम्मद शहाबुद्दीन की मौत के साथ काफूर हो गया। लालू के सिपहसलारों में सबसे उपर रहने वाले सीवान के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन का आज दिल्ली के दिन दयाल उपाध्याय अस्पताल में निधन हो गया। 1986 में पहली बार हुसैंगंज थाने में दर्ज FIR के बाद बाहुबली बने शहाबुद्दिन इन दिनों कई पराधिक मामलों के आरोपी बन गए थे और वर्षों से जेल में बंद थे। कुछ साल पहले ही उन्हें सीवान से दिल्ली के तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया गया था।

दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद मोहम्मद शहाबुद्दीन कुछ दिन पहले कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद उन्हें हॉस्पीटल में भर्ती कराया गया था, जहां वे वैंटिलेटर पर थे और शनीवार तड़के उनकी मौत हो गई। यो दोनों ख़बर लगभग एक साथ ही सुर्खियों में आईं।

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