आप कितने बुद्धिमान हैंः प्रियंका चतुर्वेदी की इस सियासी पहेली को बूझो तो जानें

नई दिल्लीः ट्विटर पर एक नई पहेली खुब शुर्खियां बटोर रही है। इस पहेलि को अपने ट्विटर पर ट्वीट किया है कांग्रेस की प्रखर प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने। प्रियंका चतुर्वेदी ने अपने ट्विटर पर ट्वीट करते हुए लिखा है “मैं भेद नहीं खुलने दूंगा, मैं सत्य नहीं सुनने दूंगा, सौगंध मुझे अंबानी की, मैं फाइल नहीं मिलने दूंगा…! बताओ कौन हूं मैं ?”

खैर पहेली तो पहेली होती है, लिहाजा उसका जवाब ढूंढना हर किसी के लिए थोड़ा मुश्किल जरूर होता है, लेकिन इस पहेलि का जवाब ढूंढना उतना मुश्किल नहीं, क्योंकि सियासतदानों का हर एक अंजाज सियासी ही होता है। हमारी समझ से ये पहेली भी सियासी ही है जो राफेल मशले पर पिछले कुछ दिनों से मचे सियासी संग्राम को फोकस कर के लिखि गई है।

जिस तरह से कांग्रेस राफेल मामले पर लगातार भाजपा और पीएम मोदी को घेरने की कोशिश करती रही है उस लिहाज से देखा जाए तो प्रियंका चतुर्वेदी की ये पहेली किसी के लिए अबूझ नहीं, क्योंकि राफेल से जूड़े कागजातों का गायब हो जाना कांग्रेस के लिए फिलक्त एक बड़ा सियासी मुद्दा बना हुआ है। कागजातों के गायब होने की बात पर कांग्रेस कभी “चौकिदार ही चोर है”  कहकर पीएम मोदी पर चुटकी ले रही है तो कभी कुछ और।

ऐसे में ये मानने में कोई हीचक नहीं होनी चाहिए कि ये पहेली राफेल डिल के कागजात का कांग्रेस के हाथ ना लगना और उस पर केंद्र सरकार का ये कहना कि फाइल गुम हो गई है दोनो को केंद्र में रखकर ही लिखि गई है। बहरहाल सियासत की लड़ाई में एक से एक पैंतरे, एक से एक कहानियां और एक से एक कासिदे गढ़े और पढ़े जाते हैं। कुछ की भाषा संयत एवं शालीन होती है तो कुछ की कड़वी और अमर्यादित। ऐसे में प्रियंका चतुर्वेदी का आरोप मढ़ने और सियासत करने का यह अंदाज ला जवाब है जो कुछ लोगों तो पसंद आ रहा है, लेकिन कुछ लोग चिढ़ से गए हैं।

एक साहब ने तो प्रियंका के अंदाज में उसका जवाब दिया है, लेकिन भाषा थोड़ी अमर्यादित है, जिसे अक्षरशः लिख पाना भी मुसासिब नहीं होगा।

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