खुलासाः कोयले से भी काली है कोयलांचल की बेपर्द होती ये सच्चाई

प्रतीकात्मक छवी

धनबादः कोयलांचल के नाम से मशहूर इस ज़मीन की ये हकीकत कोयले से भी काली है। यहां एक सनसनीखेज मामले से पर्दा उठता दिख रहा है। एक छात्र संघ ने दावा किया है कि यहां महिला कॉलेजों में पढ़ने वाली कई छात्राएं देह व्यापार करनेवालों के चंगुल में फंसी हुई हैं। छात्रसंघ ने ये दावा बकायदा एक प्रेसकांफ्रेस के जरिए किया है।

छात्रसंघ के इस चौंकाने वाले दावे के मुताबिक ऐसे कारोबार जिन ठिकानों पर चल रहे हैं, इसकी सूची उनके पास उपलब्ध है। इस संदर्भ में संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि वे बुधवार को SSP से मिलेंगे और उन्हें सूची देने के साथ हीं कार्रवाई की मांग भी करेंगे।

इस बाबत संघ के संयोजक आशीष सिंह ने कहा कि छात्राओं को इस दलदल से बचाने के लिए अभिभावकों के साथ-साथ कॉलेज प्रशासन को भी कड़े कदम अख्तियार करने होंगे, क्योंकि इससे कॉलेज की प्रतिष्ठा धूमिल होते दिख रही है।

एक समाचार संस्थान से बात करते हुए संघ संयोजक आशिष ने बताया कि इसकी सूचना संघ से जुड़ी कॉलेजों की कुछ छात्राओं ने दी है। इसके आधार पर संघ के एक सदस्य ने कस्टमर बनकर 20 दिनों तक शहर के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचकर जानकारियां एकत्रित की।

आशिष के मुताबिक इस रैकेट के पीछे एक महिला का हाथ है जो राजगंज में जीटी रोड के समीप रहती है। इस धंधे में एक अधिवक्ता भी उसके सहयोगी हैं, जो मैथन के होटलों तक लड़कियों को पहुंचाते हैं। आशिष का कहना है कि इसकी डिल मोबाईल के जरीए होती है। संचालिका से मोबाइल पर संपर्क होने के बाद वाट्सएप पर तस्वीरें भेजी जाती है। तस्वीरें पसंद आने के बाद फिर रेट तय होते हैं।

आशिष ने बताया कि कस्टमर और छात्राओं के बीच डायरेक्ट बात नहीं होती। संचालिका अपने मोबाइल से ही उनसे बात कराती है। फिर तय स्थान पर ग्राहक को बुला लिया जाता है। साबुत के तौर पर ग्राहक बनकर गये शख्स के पास संचालिका से बातचीत की रिकॉर्डिंग और वाट्सएप पर भेजी गईं तस्वीरें भी हैं। जिसे वे SSP के समक्ष प्रस्तुत करने वाले हैं।

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