जानिए क्या हैं पद्म पुरस्कार जिसे पाने वालों को हम करते हैं सैल्यूट

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नई दिल्लीः अगर आप किसी उत्कृष्ट कार्य को करते हैं तो उसकी कीमत पाने की ख्वाहिश जरूर रखते हैं। अगर उसकी कीमत पैसों के बजाए पुरस्कार के रुप में मिले तो खुशी और उत्साह दोगुना बढ़ जाता है। उसी उत्साह को बढ़ाने के लिए भारत सरकार ने सन् 1954 में एक खास पुरस्कार की शुरुआत की थी, जिसका नाम है पद्म पुरस्कार (padma award)। यह भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक हैं। सबसे पहले यह पुरस्कार अलग-अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान दे चुके 17 लोगों को प्रदान किया गया था।

पद्म पुरस्कारों की घोषणा प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के मौके पर की जाती है। पद्म पुरस्कार को कुल तीन श्रेणियों पद्म विभूषण (padma vibhushan), पद्म भूषण (padma bhushan) और पद्म श्री (padma shri)में बांटा गया है। इन्हें विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट एवं असाधारण उपलब्धियों के लिए दिए जाते हैं। पद्म विभूषण जहां असाधारण और उत्कृष्ट सेवा के लिए प्रदान किए जाते हैं वहीं पद्म भूषण उच्च स्तर की उत्कृष्ट सेवा के लिए दिए जाते है जबकी पद्म श्री किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा के लिए दिया जाता है। इनमें कला, साहित्य, शिक्षा, खेल, औषधि, सामाजिक कार्य, विज्ञान, अभियंत्रिकी, सार्वजनिक मामलों, नागरिक सेवा, व्यापार और उद्योग आदि शामिल हैं।

इन पुरस्कारों के लिए भारत का कोई भी व्यक्ति चाहे वह किसी भी वर्ग, पेशे या लिंग से संबद्ध हो पात्र है। सरकार ने अब पद्म पुरस्कारों को सही मायने में ‘जन पुरस्कार के रूप में बदल दिया है। लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वे उन गुमनाम नायकों की सिफारिश करें जो इन शीर्ष नागरिक पुरस्कारों के असली हकदार हैं।

आम आदमी के लिए प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिहाज से सरकार ने वर्ष 2016 में पद्म पुरस्कारों के सिफारिश प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया। इसके लिए नागरिकों को अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने के लिए एक सरल, सुगम और सुरक्षित ऑनलाइन प्लेटफार्म तैयार किया गया। इस ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से पद्म पुरस्कारों के लिए सहजता से सिफारिश की जा सकती है। इस प्लेटफार्म के जरिए देश के सभी नागरिक सिफारिश कर सकते हैं जिसमें स्वयं की सिफारिश भी शामिल हैं। वर्ष 2019 के पद्म पुरस्कारों के लिए गृह मंत्रालय के पास करीब 50,000 सिफारिशें आईं हैं।
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