समोसे से इंसान का सदियों पुराना नाता, जानिए इस मशहूर डिश से जुड़े रोचक तथ्य

नई दिल्लीः मात्र पांच से दस रुपए में आने वाला समोसा सबसे अच्छा और सस्ता चलंत देशज स्पाइसी जायका है। हम में से शायद ही कोई ऐसा हो जिसने कभी समोसा का स्वाद ना लिया हो, लेकिन ये बात भी सच है कि हम में से बहूत कम लोग हीं ऐसे हैं जो इसके इतिहास और अंतर्राष्ट्रीय पहचान के बारे में जानते हैं।

दरअसल जिस समोसे को हम संपूर्ण देशज जायका मानते हैं उसकी पहचान हमारे हिन्दुस्तान तक हीं सिमित नहीं है, बल्कि समोसा भारतीय उपमहाद्वीप, दक्षिण पूर्व एशिया, मध्य एशिया, दक्षिण पश्चिम एशिया, अरब प्रायद्वीप, भूमध्य सागर क्षेत्र, अफ़्रीका का सींग, उत्तर अफ़्रीका एवं दक्षिण अफ़्रीका में प्रचलित हैं।

समोसे का रोचक इतिहास

समोसे का यह सफर बड़ा निराला रहा है। ऐसा माना जाता है कि समोसे की उत्पत्ति उत्तरी भारत में हुई और फिर यह धीरे-धीरे पूरे भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश सहित आस-पास के क्षेत्रों में भी काफी लोकप्रिय हुआ। यह भी माना जाता है कि समोसा मध्यपूर्व से भारत आया और धीरे-धीरे भारत के रंग में रंग गया।

दसवीं शताब्दी में मध्य एशिया में आया समोसा

कुछ इतिहासकारों का कहना है कि दसवीं शताब्दी में मध्य एशिया में समोसा एक व्यंजन के रूप में सामने आया था। 13-14वीं शताब्दी में व्यापारियों के माध्यम से समोसा भारत पहुँचा। महान कवि अमीर खुसरो (1253-1325) ने एक जगह जिक्र किया है कि दिल्ली सल्तनत में उस दौरान स्टड मीट वाला घी में डीप फ्राई समोसा शाही परिवार के सदस्यों व अमीरों का प्रिय व्यंजन था।

आईने अकबरी में भी समोसे का जिक्र

14वीं शताब्दी में भारत यात्रा पर आये इब्नबतूता ने मोहम्मद बिन तुगलक के दरबार का वृतांत देते हुए लिखा है कि दरबार में भोजन के दौरान मसालेदार मीट, मूंगफली और बादाम स्टफ करके तैयार किया गया लजीज समोसा परोसा गया, जिसे लोगों ने बड़े चाव से खाया। यही नहीं 16वीं शताब्दी के मुगलकालीन दस्तावेज आईने अकबरी में भी समोसे का जिक्र बकायदा मिलता है।

भारत में अलग-अलग तरह के समोसे

समोसे का यह सफर बड़ा निराला रहा है। समोसे की उम्र भले ही बढ़ती गई पर पिछले एक हजार साल में उसकी तिकोनी आकृति में जरा भी परिवर्तन नहीं हुआ। आज समोसा भले ही शाकाहारी-मांसाहारी दोनों रूप में उपलब्ध है पर आलू के समोसों का कोई सानी नहीं है और यही सबसे ज्यादा पसंद भी किया जाता है।

बाजार में उपलब्ध हैं मीठे समोसे

इसके बाद पनीर एवं मेवे वाले समोसे पसंद किये जाते हैं। अब तो मीठे समोसे भी बाजार में उपलब्ध हैं। समोसे का असली मजा तो उसे डीप फ्राई करने में है, पर पाश्चात्य देशों में जहाँ लोग कम तला-भुना पसंद करते हैं, वहां लोग इसे बेक करके खाना पसंद करते हैं।

गोवा में मांसाहारी समोसे

भारत विभिन्नताओं का देश है, सो हर प्रांत में समोसे के साथ वहाँ की खूबियाँ भी जुड़ती जाती हैं। उत्तरप्रदेश व बिहार में आलू के समोसे खूब चलते हैं तो गोवा में मांसाहारी समोसे ज्यादा लोकप्रिय हैं। पंजाबी समोसा खूब चटपटा होता है तो चाइनीज क्यूजीन पसंद करने वालों के लिए नूडल्स स्टड समोसे भी उपलब्ध हैं।

बहुराष्ट्रीय कम्पनियां भी बेच रहीं समोसा

बच्चों और बूढ़ों दोनों में समोसे के प्रति दीवानगी को भुनाने के लिए तमाम बहुराष्ट्रीय कम्पनियां इसे फ्रोजेन फूड के रूप में भी बाजार में प्रस्तुत कर रही हैं।

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