जानिए राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) से जुड़ी कुछ खास बातें

know some important facts about National crime records bureau (NCRB)

NCRB, राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो

नई दिल्लीः राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) नीतिगत मामलों एवं अनुसंधान के लिए अपराध, दुर्घटनाओं, आत्महत्याओं तथा कारागृहों पर आंकड़ों के प्रमाणिक स्रोत के लिए एक नोडल एजेंसी है। इसकी गिनती केंद्रीय गृह मंत्रालय के आधिनस्थ कार्य करने वाली उन विश्वसनिय एजेंसियों में होती है जिनके द्वारा जारी किए गए आंकड़े बहुत ही सटीक माने जाते हैं। इसका मुख्ययालय दिल्ली में है। इसकी बागडोर निदेश पद पर तैनात भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी संभालते हैं।

NCRB (National Crime Records Bureau) भारतीय पुलिस को सूचना प्रौद्योगिकी अधिकारिता के लिए अधिदेशित है तथा देश के अपराध आंकड़ों के संग्रह, रखरखाव एवं विश्लेषण के लिए उत्तरदायी है। यह जांच अधिकारियों को अद्यतन आईटी टूल्स एवं अपराधों की जांच में सूचना प्रदान करने में सहायक है। NCRB का गठन 11 मार्च 1986 में हुआ था।

NCRB (National Crime Records Bureau) देश में फिंगर प्रिंट विशेषज्ञों के प्रत्यायन सहित सभी फिंगर प्रिंस संबंधित मामलों के लिए भी शीर्ष नोडल एजेंसी है। ब्यूरो भारत सरकार की राष्ट्रीय ई-गर्वनेंस योजना के तहत एक मिशन मोड परियोजना, अपराध एवं अपराधियों की ट्रैकिंग नेटवर्क प्रणाली (CCTNS) के कार्यान्वयन के लिए क्रियान्वयन तथा निगरानी एजेंसी है। इस परियोजना का उद्देश्य देश में पुलिस कार्य की दक्षता एवं प्रभावोत्पादकता में वृद्धि के लिए एक व्यापक एवं समेकित प्रणाली का सृजन करना है।

NCRB (National Crime Records Bureau) भारतीय पुलिस अधिकारियों एवं विदेश पुलिस अधिकारियों के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (IT) एवं फिंगर प्रिंट विज्ञान में प्रशिक्षण भी प्रदान करता है। प्रशिक्षण के दौरान शामिल क्षेत्रों में साइबर अपराध जांच एवं डिजिटल फॉरेंसिक, CCTNS, उन्नत फिंगर प्रिंट विज्ञान, नेटवर्क एवं ई-सुरक्षा, कलर्ड पोट्रेट बिल्डिंग सिस्टम इत्यादि शामिल हैं। हैदराबाद, गांधी नगर, लखनऊ एवं कोलकाता में चार क्षेत्रीय पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र (RCPTC) भी भारतीय पुलिस के निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए ऐसे ही पाठ्यक्रमों का संचालन करते हैं।

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