क्या मुंगेर में नहीं गलने जा रही बाहुबली विधायक अनंत सिंह की दाल…?

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पटनाः टाल के रास्ते सियासत तक का सफर तय कर चुके छोटे सरकार के नाम से विख्यात बाहुबली विधायक अनंत सिंह (Anant Singh) में अब वो बात नहीं। उनकी पकड़ अब लोगों पर ढीली पड़ने लगी है। कभी लोकप्रियता के बूते जेल में रहते सत्तारुढ़ दल के प्रत्याशी को मात देकर विधानसभा पहुंचे अनंत (MLA Anant Singh) अब अपने ही लोगों के लिए नकारे साबित हो रहे हैं। आलम यह है कि लोगों को अब अनंत के भेष में नेता नहीं, राजनीतिक महत्वकांक्षाओं के वशीभूत हो चुका एक विलेन दीखाई देता है।

अनंत सिंह की पत्नी नीलम देवी हैं कांग्रेस की उम्मीदवार 

दरअसल कांग्रेस की टिकट पर मुंगेर सिट से अनंत सिंह (Anant Singh) ने अपनी पत्नी नीलम देवी (Neelam Devi) को चुनावी रण में उतारा है। उसी सिट से कभी अनंत सिंह के खास रहे राजीव रंजन (Rjeev Ranjan) उर्फ ललन सिंह (Laln Singh) को JDU ने अपना उम्मीदवार बनाया है। अनंत और ललन दोनो भुमिहार जाति से आते हैं और मुंगेर में इस जाति का वोट ठीकठाक है।

भूमिहार बिरादरी की आन बान शान कहे जाते हैं अनंत सिंह

कथित तौर पर अनंत सिंह (MLA Anant Singh) भूमिहार बिरादरी में आन बान शान के प्रतिक हैं, लेकिन ललन (Lalan Singh) में लोगों को बेहतर कल दिख रहा है। लोगों की माने अनंत सिंह में आज भी बेफट, बेलगाम दबंगो वाली फितरत कूट कूटकर भरी हुई है, जो आज भी डराती है।

राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह हैं लोगों की पहली पसंद

इधर जातपात और भय से उपर उठ चुके लोगों की माने तो उन्होंने मन बना लिया है कि उनका वोट हर हाल में विकास को ही जाएगा और ललन सिंह इस मामले में फिट बैठते हैं क्योंकि वो नीतीश के साथ हैं। बिजली, पानी, सड़क और शराबबंदी जैसे मुद्दों पर लोग नीतीश कुमार को बेहतर समझ रहे हैं।

टाल क्षेत्र में दीख रहा नीतीश कुमार का असर

दूसरी तरफ बात टाल क्षेत्र की करें, तो अपराध और अपराधी के असर को टाल ईलाके के लोग अब गंभीरता से समझते हैं। टाल वाले कहते हैं कि रायफल और घोड़ा वाला रंगबाज गिरोह अब टाल में नही दिखते है। खेतिहर मजदूर कहते हैं कि सम्मान और शांति से खेतीबाड़ी चल रही है। लूटने का डर नहीं होता, फसल बरबाद नहीं होती ऐसे में वोट किधर देंगे आपही समझ लीजिए।

बहरहाल ये सियासत की जंग है और जनता सर्वोपरी। यहां कब क्या हो जाए ये कहना आसान नहीं। कब बाजी पलट जाए और जीतने वाला हार जाए, हारने वाला जीत जाए।

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