मोदी विरोधी कान खोलकर सुन लें, आपकी दाल ना उबलेगी ना गलेगी

पटनाः इंदिरा जी की हत्या के बाद, राजीव जी सबसे ज्यादा सीटें लाकर प्रधानमंत्री बने। उस समय तो यह किसी ने नहीं कहा कि काँग्रेसियों! उनकी लाश पर वोट मत माँगो, अपने काम के आधार पर जनता के बीच जाओ! आज जो अपनी उथली बौद्धिकता से मोदी जी के हर काम का विरोध कर रहें हैं, उन्होंने कभी काँग्रेस नेतृत्व से पूछा कि काँग्रेस जी! आपके पास जो प्रधानमंत्री के उम्मीदवार हैं, उनमें इतने बड़े देश को चलाने की क्षमता है कि नहीं ?

अस्थिर चित्त के उम्मीदवार क्या आपने इसीलिए खड़े किये हैं कि भारतवर्ष की सत्ता को अहमद पटेल अपने मनमाफिक चलाते रहेंगे? जिनका कुनबा कभी रामसेतु तोड़ने में जुट जाएगा, तो कभी दूरदर्शन के लोगो “सत्यम-शिवम-सुंदरम को हटाने के मुहिम मे भिड़ जाएगा? कला के नाम पर माँ सरस्वती के नग्न चित्र बनाए जाएँगे और काँग्रेसी मौन भाव से वोट की राजनीति करते रहेंगे ? हिन्दू आस्था से खिलवाड़ करने का कोई भी अवसर हाथ से जाने नहीं देंगे ?

इन्हीं काँग्रेसी हिडेन एजेन्डा को देश की आम जनता ने जब बारीक नजरों से देखना शुरू किया तब जाकर उनकी आँखे खुली और दो तिहाई बहुमत देकर मोदी जी को प्रधानमंत्री बनाया ताकि भारत, भारतीय और भारतीयता बची रहे। इसीलिए आप तमाम मोदी विरोधी कान खोल कर सुन लें आप मोदी विरोध में चाहे जितनी थोथी दलीलें परोसे, मुद्दों से भटकाने के लिए कितने भी कैपेंन चला ले, मोदी समर्थकों को चिढ़ाने के लिए चाहे जितना भी विरोधी देशों का गुणगान कर लें 2019 में फिर मोदी सत्तासीन होंगे। आपकी दाल न उबलेगी और न गलेगी याद रहे।

जो मोदी देश की हिफाजत में अपनी जान लगाये बैठा है उसके लिए भारत का बच्चा-बच्चा अपनी जान देने को तैयार बैठा है। आप ज्यादा लोड न लें। देश को काँग्रेस की दुर्नीतियों का अंदाजा है।

वैसे भी आपके बारे में देश जानता है कि जब बारिश चीन में होती है तो आप अपना छाता भारत में तान लेते हैं और आजकल तो एक नया ट्रेंड भी आप सब में देखने को मिल रहा है कि अगर अजान की आवाज पड़ोसी मुल्क से आती है तो आप यहां अपना पतलून मोड़ कर सज़दा में झुक जाते हैं। जबकि उन्हें भी पता है कि जो अपने मजहब का नहीं हुआ, अपने मुल्क का नहीं हुआ, वो भला मेरा क्या होगा? फिर भी आप मोदी को कोसने से बाज नहीं आते। ईश्वर से मेरी इतनी ही दुआ है कि मोदी फिर प्रधानमंत्री बनें और आप सब उनको कोसते-कोसते अपनी अपनी जिन्दगी गुजार लें! वैसे भी हमारे स्वभाव में है कि… “मुख़ालिफत से मेरी शख्सियत संवरती है, मैं दुश्मनों का बड़ा ऐहतराम करता हूँ।”

यह विचार संजय चौधरी के हैं जिसे उनके फेसबुक वॉल से लिया गया है।
Loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here